आर्टिकल 19 न्यूज दमोह
अशोक कुमार
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के सख्त निर्देश:
निर्माण स्थलों, क्षतिग्रस्त पुलों और जलभराव वाले मार्गों पर सुरक्षा संकेतक लगाना अनिवार्य; लापरवाही पर होगी कार्रवाई
**मुख्य बिंदु:**
सुरक्षा सर्वोपरि:
सभी निर्माण एजेंसियों को सुरक्षा संकेतक (Safety Indicators) लगाने के आदेश। *
**संवेदनशील स्थानों पर नजर:**
क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों और जलभराव वाले मार्गों पर तैनात रहेगा स्टाफ। *
**शहरी क्षेत्रों पर फोकस:*
* नगरपालिका क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों में भी सुरक्षा उपाय अपनाने के निर्देश।*
*विस्तृत समाचार:**
**जिला मुख्यालय।*
*आगामी मौसम और जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने एक महत्वपूर्ण बैठक में सभी निर्माण एजेंसियों और संबंधित अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि आमजन की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। निर्माण स्थलों, क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों और जलभराव की समस्या से जूझने वाले मार्गों पर तत्काल प्रभाव से आवश्यक सुरक्षा संकेतक (साइनबोर्ड) लगाए जाएं।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं:
क्षतिग्रस्त पुलों और जलभराव वाले रास्तों पर होगी विशेष नजर**कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने निर्देश दिए हैं कि जिले के जितने भी क्षतिग्रस्त पुल-पुलिए हैं या ऐसे मार्ग जहां बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति निर्मित होती है, वहां अनिवार्य रूप से **चेतावनी बोर्ड** लगाए जाएं।बैठक में सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए निम्नलिखित मुख्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया है: * *
*स्टाफ की तैनाती:*
* भारी बारिश या जलभराव की स्थिति में संवेदनशील मार्गों और पुलों पर बकायदा स्टाफ तैनात किया जाएगा, जो राहगीरों को खतरे के प्रति सचेत करेगा। *
**मार्ग डायवर्जन/बंदी:
** यदि स्थिति गंभीर होती है, तो आवश्यकतानुसार उस मार्ग को तुरंत बंद करने या रूट डायवर्ट करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे।
*नगरपालिका क्षेत्रों के लिए विशेष गाइडलाइन*
*शहरी इलाकों का जिक्र करते हुए कलेक्टर ने कहा कि नगरपालिका क्षेत्र में वर्तमान में जो भी विकास या निर्माण कार्य चल रहे हैं, वहां सुरक्षा के सभी मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए। सीवरेज, सड़क निर्माण या पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदे गए गड्ढों के चारों ओर बैरिकेडिंग और रात के समय चमकने वाले (रेडियम) संकेतक लगाना अनिवार्य होगा, ताकि शहरी यातायात प्रभावित न हो और दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
**अधिकारियों को फील्ड में उतरने के निर्देश**
“सभी संबंधित निर्माण एजेंसियां और विभाग आपसी समन्वय से काम करें। यदि किसी भी निर्माण स्थल या संवेदनशील मार्ग पर सुरक्षा उपायों में लापरवाही पाई गई, तो संबंधित एजेंसी और अधिकारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”
*प्रताप नारायण यादव, कलेक्टर*
कलेक्टर ने सभी उपखंड अधिकारियों (SDM) और तहसीलदारों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार मॉनिटरिंग करने और इन निर्देशों का जमीन पर पालन सुनिश्चित करवाने के आदेश दिए हैं।

