सामुदायिक भवन निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने सौंपा आवेदननीमखेड़ा उपाध्याय में भवन निर्माण की मांग,
अशोक कुमार
दमोह /पटेरा : शासकीय भवन निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने सौंपा आवेदन नीमखेड़ा उपाध्याय में शासकीय भवन निर्माण की मांग, विरोधियों पर कार्य में बाधा डालने का आरोप पटेरा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत बर्रट के ग्रामीणों ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पटेरा एवं जिला कलेक्टर, जिला सीईओ को आवेदन प्रस्तुत कर सामुदायिक भवन निर्माण कार्य में कुछ लोगों द्वारा बाधा डालने की शिकायत की है। आवेदन में बताया गया कि शासन द्वारा स्वीकृत सामुदायिक भवन का निर्माण सरपंच द्वारा कराया जा रहा है, लेकिन कुछ विरोधी लोग कार्य रुकवाने का प्रयास कर रहे हैं।ग्रामीणों ने आवेदन में उल्लेख किया कि पूर्व में कलेक्टर के ग्राम भ्रमण के दौरान नीमखेड़ा उपाध्याय में सामुदायिक भवन की मांग रखी गई थी, जिस पर आश्वासन मिला था। ग्राम नीमखेड़ा उपाध्याय, बर्रट, सगौनी और मड़िया टिकिट के ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से समर्थन करते हुए भवन निर्माण उसी स्थान पर कराने की मांग दोहराई है।ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम सभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर सामुदायिक भवन नीमखेड़ा उपाध्याय में बनाए जाने का निर्णय लिया गया था।आपको बता दें कि मीडिया द्वारा ग्राम पंचायत बर्रट में मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों एवं वरिष्ठ नागरिकों से चर्चा की गई, जिसमें उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत बर्रट में चार गांव आते हैं, जिनमें ग्राम नीमखेड़ा भी शामिल है। ग्रामीणों का कहना है कि देश स्वतंत्र होने के बाद से आज तक नीमखेड़ा में कोई भी सामुदायिक भवन नहीं बना, जबकि यहां अधिकतर हरिजन बंधु निवास करते हैं। शासकीय सुविधा नहीं होने के कारण धार्मिक आयोजन, भजन-कीर्तन, शादी-विवाह जैसे कार्यक्रमों में ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।ग्रामीणों ने बताया कि इसी आवश्यकता को देखते हुए यहां सामुदायिक भवन बनाया जाना उचित और जनहितकारी निर्णय है। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोग निजी स्वार्थ के चलते निर्माण कार्य का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि विरोध करने वाले लोग पंचायत से ठेकेदारी के रूप में कार्य की मांग कर रहे थे, लेकिन सरपंच द्वारा कार्य नहीं दिए जाने के कारण विरोध किया जा रहा है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि पूर्व में कराए गए कुछ निर्माण कार्यों में गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद जनता ने सरपंच से विकास कार्य स्वयं निगरानी में कराने की मांग की थी।ग्रामीणों ने यह भी जानकारी दी कि नीमखेड़ा में सरकारी जमीन उपलब्ध होने के बावजूद वह मौजा विलगवा पंचायत क्षेत्र में आने के कारण वहां निर्माण संभव नहीं हो सका। इसके बाद ग्राम के दानवीर ब्रजलाल पटेल ने अपनी निजी भूमि दानपत्र के माध्यम से सामुदायिक भवन निर्माण के लिए उपलब्ध कराई, जिसके बाद कार्य प्रारंभ किया गया।ग्रामीणों ने सरपंच की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह कार्य पूरी तरह जनहित में है और पंचायत के अधिकांश लोग इसके समर्थन में हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य में बाधा डालने वालों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाए तथा इस सार्वजनिक और जनकल्याणकारी कार्य को शीघ्र पूर्ण कराया जाए।

